OPINION

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में हुई तेज मूसलाधार बारिश के बाद अचानक निर्माणधीन मकान भर भराकर गिर गया, दादरी के पल्ला गांव में ये घटना घटी, गनीमत रही कि जब हादसा हुआ तो निर्माणाधीन मकान में कोई भी मौजू

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में हुई तेज मूसलाधार बारिश के बाद अचानक निर्माणधीन मकान भर भराकर गिर गया, दादरी के पल्ला गांव में ये घटना घटी, गनीमत रही कि जब हादसा हुआ तो निर्माणाधीन मकान में कोई भी मौजूद नहीं था नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस घटना में किसी की जनहानि होने की कोई सूचना नहीं है। दरअसल मूसलाधार बारिश के बाद नहर का स्तर बढ़ गया था, ऐसे में लोगों के घरों में भी पानी घुस आया। दूसरी ओर भारी बारिश के चलते किसानों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है।

Avalanche
Shamsher Usmani
 
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दिल्ली पुलिस ने छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस इस्तेमाल पर एक खास रिपोर्ट जारी की है। पुलिस का दावा है कि जंतर-मंतर पर हफ्तों से चल रहा शांतिपूर्ण धरना तब हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने हाई-सिक्योरिटी जोन की ओर बिना अनुमति मार्च करने की कोशिश की। रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद सत्र के दौरान प्रदर्शनकारियों और कुछ असामाजिक तत्वों ने सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़े। उन्होंने पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया और अधिकारियों पर पथराव किया।

मार्च की अनुमति नहीं थी- पुलिस

बार-बार दी गई चेतावनियों को नजर अंदाज करने के बाद ही पुलिस ने लक्षित लाठीचार्ज और सीमित आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति थी, लेकिन संसद की तरफ मार्च की नहीं। प्रदर्शनकारियों ने जंजीरों वाले लोहे के बैरिकेड्स तोड़ दिए। कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए और मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी की गई। वरिष्ठ और उम्रदराज अधिकारियों को घेरकर धक्का-मुक्की की गई, जिससे वे घायल हो गए। इलाके में BNSS की धारा 163 लागू की गई थी। लाउडस्पीकर से इसकी घोषणा की गई और भीड़ से सीमा के अंदर रहने की अपील की गई।

कितना बल प्रयोग हुआ, जांच होगी

शुरुआत में पुलिस ने ह्यूमन चेन और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। लाठी का इस्तेमाल नहीं किया गया। जब भीड़ ने बैरिकेड्स पर चढ़ना, पथराव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू किया, तब लक्षित बल प्रयोग किया गया। पुलिस के मुताबिक, बल का इस्तेमाल तभी किया गया जब बार-बार की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। जैसे ही भीड़ तितर-बितर हुई, बल प्रयोग तुरंत रोक दिया गया। रिपोर्ट में दावा है कि कई पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है, इसमें बल प्रयोग की समीक्षा की जाएगी।

Published By : Shamsher QA

पब्लिश्ड 29 July 2026 at 16:00 IST