'आतंकवाद को कुचलेंगे हमारे जांबाज...' करगिल से पीएम मोदी की ललकार, पाकिस्तान पर बम की तरह प्रहार
करगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को हमारे जाबाज पूरी ताकत से कुचलेंगे।
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PM Modi On Kargil Vijay Diwas: 26 जुलाई 2024 यानि आज पूरे देश में करगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख की धरती पर करगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को नमन करने पहुंचे। भारत के शूरवीरों को याद करते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर करारा हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा, ''पाकिस्तान ने अतीत में जितने भी दुष्प्रयास किए उसे मुंह की खानी पड़ी लेकिन पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा है। वो आतंकवाद के सहारे अपने आप को प्रासंगिक बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। लेकिन आज जब मैं उस जगह से बोल रहा हूं जहां आतंक के आकाओं को मेरी आवाज सीधे सुनाई पड़ रही है, मैं आतंकवाद के इन सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। आतंकवाद को हमारे जाबाज पूरी ताकत से कुचलेंगे। दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने करगिल से पाकिस्तान को ललकारा
करगिल से पाकिस्तान को ललकारते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को हमारे जाबाज पूरी ताकत से कुचलेंगे। दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ''कुछ ही दिन बात 5 अगस्त को धारा 370 का अंत हुए 5 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर आज नए भविष्य की बात कर रहा है, बड़े सपने की बात कर रहा है। जम्मू-कश्मीर की पहचान जी-20 समिट की अहम बैठक करने के लिए हो रही है... दशकों बाद कश्मीर में सिनेमाघर खुला है... धरती का हमारा स्वर्ग तेजी से शांति और सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ रहा है।''
पीएम मोदी ने करगिल युद्ध के 25वें वर्षगांठ पर आगे कहा कि हमारी सेनाओं ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। सेना द्वारा किए गए जरूरी सुधार का एक उदाहरण अग्निवीर योजना भी है। दशकों तक संसद तक अनेक कमेटी तक में सेनाओं को युवा बनाने पर चर्चाएं होती रहीं। भारत की सैनिकों की औसत आयु ग्लोबल औसत से अधिक होना हम सभी की चिंता बढ़ाता रहा है। इसलिए ये विषय वर्षों तक अनेक कमेटियों में भी उठा। लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़ी इस चुनौती के समाधान की पहले इच्छाशक्ति नहीं दिखाई दी। शायद कुछ लोगों की मानसिकता ही ऐसी थी कि सेना मतलब नेताओं को सलाम करना, परेड करना। हमारे लिए सेना मतलब 140 करोड़ देशवासियों की आस्था, 140 करोड़ देशवासियों की शांति की गारंटी, देश की सीमाओं को सुरक्षा की गारंटी... अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना है, अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युद्ध के लिए निरंतर योग्य बनाए रखना है। दुर्भाग्य से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय को कुछ लोगों ने राजनीति का विषय बना दिया है। कुछ लोग सेना के इस सुधार पर भी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में झूठी राजनीति कर रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने सेनाओं में हजारों-करोड़ों के घोटाले करके हमारी सेनाओं को कमजोर किया है। ये वही लोग हैं जो चाहते थे कि एयरफोर्स को कभी आधुनिक फाइटर जेट न मिल पाए। ये वही लोग हैं जिन्होंने तेजस फाइटर प्लेन को भी डिब्बे में बंद करने की तैयारी कर ली थी।