OPINION

CJP नेताओं के इस तरह फाइव स्टार होटल में जश्न मनाने को लेकर सो

CJP नेताओं के इस तरह फाइव स्टार होटल में जश्न मनाने को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तबका इस आलीशान जश्न की कड़ी आलोचना कर रहा है। यूजर्स का कहना है कि जो संगठन महीनों से सड़कों पर छात्रों के भविष्य के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा था, उनका आंदोलन खत्म होते ही फाइव स्टार होटल में यूं जश्न मनाना सवाल खड़े करता है

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pritam predo | Image: pritam predo

CJP नेताओं के इस तरह फाइव स्टार होटल में जश्न मनाने को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तबका इस आलीशान जश्न की कड़ी आलोचना कर रहा है। यूजर्स का कहना है कि जो संगठन महीनों से सड़कों पर छात्रों के भविष्य के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा था, उनका आंदोलन खत्म होते ही फाइव स्टार होटल में यूं जश्न मनाना सवाल खड़े करता है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन बच्चों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया, CJP ने जश्न मनाने से पहले उनके माता-पिता के बारे में नहीं सोचा। इनका इस तरह फाइव स्टार होटल में पार्टी करना उन पीड़ित परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

CJP नेताओं के इस तरह फाइव स्टार होटल में जश्न मनाने को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तबका इस आलीशान जश्न की कड़ी आलोचना कर रहा है। यूजर्स का कहना है कि जो संगठन महीनों से सड़कों पर छात्रों के भविष्य के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा था, उनका आंदोलन खत्म होते ही फाइव स्टार होटल में यूं जश्न मनाना सवाल खड़े करता है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन बच्चों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया, CJP ने जश्न मनाने से पहले उनके माता-पिता के बारे में नहीं सोचा। इनका इस तरह फाइव स्टार होटल में पार्टी करना उन पीड़ित परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

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सोशल मीडिया पर यूजर्स CJP की पार्टी का वीडियो शेयर कर ये भी कह रहे हैं कि इस प्रदर्शन में जहां आम छात्रों ने गर्मी-धूप सही और पुलिस की लाठियां खाईं, जबकि CJP के ये नेता नतीजा निकलते ही फाइव स्टार होटल में पार्टी करने पहुंच गए। छात्रों का आंदोलन खत्म होने के बाद CJP की पार्टी के इन वीडियो पर अब विवाद हो रहा है।

जंतर-मंतर पर एक महीने तक चला आंदोलन

इस साल 3 मई को नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन हुआ था, जिसके तुरंत बाद पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप लगे। बढ़ते विवाद के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया और 23 जून को नीट का री-एग्जाम कराया गया। इस बीच पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया, जहां एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठ ग

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Published By:
 Shamsher QA
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