ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस क
ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे
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ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."
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ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."
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न्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कांग्रेस आलाकमान यह सब देख रहा था. सही मौका आने पर उसने पार्टी को राजद के प्रभाव मुक्त करने के लिए यह फैसला लिया है."
पटना सिटी में सामाजिक कार्यों से जुड़े बुजुर्ग कांग्रेसी राकेश कपूर ने जो बेबाक टिप्पणी की, उसमें पार्टी के कई जमीनी कार्यकर्ताओं के स्वर मिले हुए हैं. बिहार कांग्रेस बंधन मुक्त हुआ, ऐसा लिखने वाले अकेले राकेश कपूर ही नहीं हैं, बिहार के कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी इसी तरह की मिलती-जुलती टिप्पणी की है. न्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कांग्रेस आलाकमान यह सब देख रहा था. सही मौका आने पर उसने पार्टी को राजद के प्रभाव मुक्त करने के लिए यह फैसला लिया है."
पटना सिटी में सामाजिक कार्यों से जुड़े बुजुर्ग कांग्रेसी राकेश कपूर ने जो बेबाक टिप्पणी की, उसमें पार्टी के कई जमीनी कार्यकर्ताओं के स्वर मिले हुए हैं. बिहार कांग्रेस बंधन मुक्त हुआ, ऐसा लिखने वाले अकेले राकेश कपूर ही नहीं हैं, बिहार के कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी इसी तरह की मिलती-जुलती टिप्पणी की है. न्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कांग्रेस आलाकमान यह सब देख रहा था. सही मौका आने पर उसने पार्टी को राजद के प्रभाव मुक्त करने के लिए यह फैसला लिया है."
पटना सिटी में सामाजिक कार्यों से जुड़े बुजुर्ग कांग्रेसी राकेश कपूर ने जो बेबाक टिप्पणी की, उसमें पार्टी के कई जमीनी कार्यकर्ताओं के स्वर मिले हुए हैं. बिहार कांग्रेस बंधन मुक्त हुआ, ऐसा लिखने वाले अकेले राकेश कपूर ही नहीं हैं, बिहार के कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी इसी तरह की मिलती-जुलती टिप्पणी की है. न्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कांग्रेस आलाकमान यह सब देख रहा था. सही मौका आने पर उसने पार्टी को राजद के प्रभाव मुक्त करने के लिए यह फैसला लिया है."
पटना सिटी में सामाजिक कार्यों से जुड़े बुजुर्ग कांग्रेसी राकेश कपूर ने जो बेबाक टिप्पणी की, उसमें पार्टी के कई जमीनी कार्यकर्ताओं के स्वर मिले हुए हैं. बिहार कांग्रेस बंधन मुक्त हुआ, ऐसा लिखने वाले अकेले राकेश कपूर ही नहीं हैं, बिहार के कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी इसी तरह की मिलती-जुलती टिप्पणी की है.