23 जुलाई को बजट और 3 राज्यों में विधानसभा चुनाव, क्या बड़ा ऐलान कर सकती है मोदी सरकार?

मोदी सरकार के इस बजट से हर वर्ग के लोगों की बहुत उम्मीदें हैं। लोकसभा चुनाव में BJP को पुर्ण बहुमत नहीं मिला और इसी साल 3 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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Budget 2024 expectations
23 जुलाई को बजट और 3 राज्यों में विधानसभा चुनाव | Image: Republic

Budget 2024: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) 23 जुलाई को 2024-25 का केंद्रीय बजट पेश कर नया इतिहास रच देंगी। निर्मला सीतारमण लगातार सातवीं बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। इसी साल 3 राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में सरकार के सामने सबका हित देखते हुए बजट पेश करने की चुनौती है।

मोदी सरकार के इस बजट से हर वर्ग के लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। इसका बड़ा कारण ये है कि इस बार हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पुर्ण बहुमत नहीं मिला है। बीजेपी अपने सहयोगी दलों के दम पर सरकार चला रही है। इसी साल तीन राज्यों हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार की ये कोशिश हो सकती है कि बजट में बड़े जनहित के ऐलान कर वोटरों को लुभाया जाए। आमतौर पर कोई भी सरकार अपने पहले साल में लोक-लुभावन बजट पेश नहीं करती है, लेकिन इस बार मध्यम वर्ग के लिए कई घोषणाएं होनी की संभावना है।

वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान

उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय बजट में वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का भी ख्याल रखा जा सकता है। मोदी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को लेकर पहले भी कई योजनाएं चलाई हैं। इसके अलावा भारत भर में बुजुर्गों की देखभाल में जुटे कई गैर सरकारी संगठनों (NGO) ने सरकार से आम बजट में देश के वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान देने का अनुरोध किया है। वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र सरकार के योगदान की समीक्षा की भी मांग की गई है। NGO मौजूदा समय में मिलने वाली प्रतिमाह 200 से 500 रुपये की पेंशन राशि को बढ़ाने और इसे 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों के लिए कम से कम एक हजार रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए प्रतिमाह 1500 रुपये करने की वकालत कर रहे हैं।

मध्यम वर्ग को राहत की उम्मीद

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मध्यवर्ग का ज्यादा साथ नहीं मिला है। ऐसे में उम्मीद है कि मध्यवर्ग को खुश करने के लिए सरकार टैक्स में छूट दे सकती है। आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक किया जा सकता है। टैक्स का बोझ कम करने से लोगों को महंगाई से भी राहत मिल सकती है। इसके अलावा अफॉर्डेबल आवास स्कीम का दायरा बढ़ने की भी उम्मीद है। रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई ने भी सरकार से आम बजट में घर खरीदने वालों को अधिक कर लाभ देने का अनुरोध किया है।

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ग्रामीण रोजगार और किसान

लंबे समय से पंजाब और हरियाणा के किसान सरकार से नाराज चल रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार कृषि में MSP का मुद्दा सुलझा सकती है। इसके अलावा युवा मतदाताओं को साधने के के लिए रोजगार के क्षेत्र में बड़े ऐलान होने की संभावना है। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सकता है।

मानसून सत्र में होंगी 19 बैठकें

बतादें, मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होने वाला है और 12 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। इस सत्र में सरकार की ओर से छह विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है, जिनमें 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है। इस सत्र में जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए संसद की मंजूरी भी मिलेगी। इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल विधानसभा अस्तित्व में नहीं है और केंद्र का शासन है। सीतारमण सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी और 23 जुलाई को आम बजट पेश करने वाली हैं।

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Published By:
 Sagar Singh
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