केरल: वायनाड त्रासदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने जताया दुख, मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 300 के पार

केरल के वायनाड में आई त्रासदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपने संवेदनाएं व्यक्त की है।

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Biden
President Joe Biden | Image: AP Photo

wayanad Landslide: केरल के भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले में मलबे में फंसे लोगों की तलाश अब भी जारी है। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार को फिर से शुरू हो गया। अब तक इस त्रासदी में 300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि कि कई लोग अब भी लापता है। अब इतनी बड़ी त्रासदी पर अमेरिकी के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी दुख जताया है।

जो बाइडन ने एक बयान में कहा कि मैं और जिल (अमेरिकी की प्रथम महिला) और मैं भारत के केरल राज्य में हुए विनाशकारी भूस्खलन से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। बाइडेन ने आगे कहा, हमारी प्रार्थनाएं इस दुखद घटना के पीड़ितों के साथ हैं और हम उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस त्रासदी में अपनों को खोया है। हम बचाव कार्य में जुटे इंडियन सर्विसेज के सदस्यों और फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स की बहादुरी की सराहना करते हैं।

वायनाड में मृतकों का आंकड़ा 300 के पार

बता दें कि इस भीषण त्रासदी की घटना में वायनाड के चार गांव तबाह हो गए हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मलबे से शवों का निकलने की सिलसिला जारी है। सेना, NDRF,SDRF समेत स्थानीय प्रशासन का भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में रेस्क्यू अब भी जारी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, वर्तमान में मरने वालों की संख्या 308 है।

चूरलमाला पहुंचे राहुल और प्रियंका

वहीं, कांग्रेस नेता और वायनाड से पूर्व सांसद राहुल गांधी अपनी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ बृहस्पतिवार को केरल में वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र चूरलमाला का तथा मेप्पाडी में एक अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी मौजूद रहे।

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वायनाड जिले में मंगलवार की सुबह मूसलाधार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन ने मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा बस्तियों को प्रभावित किया, जिसमें अब तक महिलाओं और बच्चों सहित 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन के बाद लापता लोगों की संख्या आंकने के लिए डेटा एकत्र किया जा रहा है। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड