BREAKING: महाराष्ट्र MLC चुनाव में MVA को बड़ा झटका, NDA के सभी 9 उम्मीदवार जीते, जमकर क्रॉस वोटिंग
Maharashtra MLC elections: MLC चुनाव में 7 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायकों ने अजित गुट को वोट किया है।
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Maharashtra MLC elections: महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीट के लिए शुक्रवार को विधान भवन परिसर में मतदान हुआ। MLC चुनाव में महाअघाड़ी को बड़ा झटका लगा है। खबर है कि MLC चुनाव में 7 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायकों ने अजित गुट को वोट किया है। महाराष्ट्र MLC चुनाव में नतीजों में NDA की बड़ी जीत हुई है। NDA के कुल 9 उम्मीदवार जीते हैं और अजित गुट के 2 उम्मीदवार जीते है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीट के लिए शुक्रवार को वोटिंग हुई। 11 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में से MLC चुनाव में 274 विधायकों ने अपने वोट डाले। शिवसेना के संजय गायकवाड़ गुप्त मतदान प्रणाली के माध्यम से सबसे पहले वोट डालने वाले विधायक थे। विधान परिषद के 11 सदस्यों का कार्यकाल 27 जुलाई को खत्म होने जा रहा है।
गणपत गायकवाड़ की वोट पर बवाल
मतदान के दौरान कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ को वोट डालने की अनुमति न दी जाए। कल्याण पूर्व विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गायकवाड़ को फरवरी में ठाणे जिले के उल्हासनगर में भूमि विवाद को लेकर पुलिस थाने के अंदर शिवसेना के एक पदाधिकारी पर कथित तौर पर गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि क्योंकि गायकवाड़ न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) के तहत मतदान नहीं कर सकते। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि बीजेपी विधायक को परिषद चुनाव में वोट देने की अनुमति देना सत्ता का दुरुपयोग होगा।
शिवसेना ने बीजेपी विधायक की वोट का विरोध करते हुए 2022 के परिषद चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'गायकवाड़ वोट डालने के लिए जेल से बाहर आ सकते हैं, लेकिन 2022 में अनिल देशमुख और नवाब मलिक भी जेल में थे और उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं थी। यह सत्ता का उपयोग है या दुरुपयोग है।
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NDA ने उतारे 9 प्रत्याशी
बीजेपी 103 सदस्यों के साथ महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, इसके बाद शिवसेना (38), राकांपा (42), कांग्रेस (37), शिवसेना (यूबीटी) 15 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के सदस्यों की 10 है। बीजेपी ने चुनाव मैदान में 5 उम्मीदवार उतारे थे, जबकि महायुति के उसके गठबंधन सहयोगियों शिवसेना और राकांपा ने दो-दो उम्मीदवार खड़े किए थे। कांग्रेस और शिवसेना (UTB) ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जबकि महा विकास आघाडी (MVA) की उनकी सहयोगी राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (PWUP) के उम्मीदवार का समर्थन किया।