स्वच्छता का अभियान देश को सफलता की ऊंचाई पर पहुंचाएगा, Mann Ki Baat में बोले PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 'मन की बात' (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया।
- प्रधान सेवक
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 'मन की बात' (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम का आज 109वां एपिसोड हैं। आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले अपने खास कार्यक्रम मन की बात में आज पीएम मोदी अयोध्या के राम मंदिर से लेकर 75वां गणतंत्र दिवस समारोह के बारे में बात की।
पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार, 2024 का ये पहला ‘मन की बात’का कार्यक्रम है। अमृतकाल में एक नयी उमंग है, नयी तरंग है। दो दिन पहले हम सभी देशवासियों ने 75वां गणतंत्र दिवस बहुत धूमधाम से मनाया है। इस साल हमारे संविधान के भी 75 वर्ष हो रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के भी 75 वर्ष हो रहे हैं। हमारे लोकतंत्र के ये पर्व, Mother Of Democracy के रूप में भारत को और सशक्त बनाते हैं। भारत का संविधान इतने गहन मंथन के बाद बना है कि उसे जीवंत दस्तावेज कहा जाता है।
‘देव से देश’ की बात, राम से राष्ट्र’ की बात
इसी संविधान की मूल प्रति के तीसरे अध्याय में भारत के नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का वर्णन किया गया है और ये बहुत दिलचस्प है कि तीसरे अध्याय के प्रारंभ में हमारे संविधान निर्माताओं ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के चित्रों को स्थान दिया था। प्रभु राम का शासन, हमारे संविधान निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत था और इसलिए 22 जनवरी को अयोध्या में मैंने ‘देव से देश’ की बात की थी, ‘राम से राष्ट्र’ की बात की थी।
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सामूहिकता की यही शक्ति, हमारे देश को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी
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पीएम मोदी ने कहा, साथियों, अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर ने देश के करोड़ों लोगों को मानो एक सूत्र में बांध दिया है। सबकी भावना एक, सबकी भक्ति एक, सबकी बातों में राम, सबके हृदय में राम। देश के अनेकों लोगों ने इस दौरान राम भजन गाकर उन्हें श्रीराम के चरणों में समर्पित किया। 22 जनवरी की शाम को पूरे देश ने रामज्योति जलाई, दिवाली मनाई। इस दौरान देश ने सामूहिकता की शक्ति देखी, जो विकसित भारत के हमारे संकल्पों का भी बहुत बड़ा आधार है। मैंने देश के लोगों से आग्रह किया था कि मकर संक्रांति से 22 जनवरी तक स्वच्छता का अभियान चलायाजाए। मुझे अच्छा लगा कि लाखों लोगों ने श्रद्धाभाव से जुड़कर अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की साफ़-सफाई की। मुझे कितने ही लोगों ने इससे जुड़ी तस्वीरें भेजी हैं, video भेजें हैं - ये भावना रुकनी नहीं चाहिए, ये अभियान रुकना नहीं चाहिए | सामूहिकता की यही शक्ति, हमारे देश को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी।