कम्प्यूटर आयात के लाइसेंस नियमों में बदलाव से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा: जीटीआरआई
सरकार ने बृहस्पतिवार को कम्प्यूटर उत्पादों के आयात के लिए जटिल लाइसेंस मानदंडों में बदलाव किया।
- टेक्नोलॉजी
- 2 min read

लैपटॉप और कम्प्यूटर जैसे कुछ आईटी हार्डवेयर उत्पादों के आयात के लिए वाणिज्य मंत्रालय की इकाई डीजीएफटी के लाइसेंस नियमों में बदलाव से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने शुक्रवार को यह बात बात कही।
खबर में आगे पढ़ें...
- लैपटॉप और कम्प्यूटर आयात के नियमों में बदलाव
- लाइसेंस नियमों में बदलाव से घरेलू विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा- GTRI
जीटीआरआई ने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में कल-पुर्जों को जोड़कर (असेंबल) तैयार किए गए लैपटॉप और टैबलेट को आयात प्रतिबंधों से छूट देने से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।
सरकार ने बृहस्पतिवार को इन उत्पादों के आयात के लिए जटिल लाइसेंस मानदंडों में बदलाव किया और आयातकों के लिए एक ऑनलाइन प्राधिकरण प्रणाली लागू की।
Advertisement
यह भी पढ़ें: 'गजवा-ए-हिंद के लिए तैयार रहो', नवाज शरीफ के दामाद ने पेशावर में भारत के खिलाफ उगला जहर
नयी लाइसेंस व्यवस्था का मकसद मुख्य रूप से इन उत्पादों के आयात की निगरानी करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे भरोसेमंद स्रोतों से आ रहे हैं। ये नियम एक नवंबर से लागू होंगे।
Advertisement
जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, 'स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के पास अब भारतीय बाजार के लिए लैपटॉप खरीदने के दो रास्ते हैं - वे एसईजेड में स्थित कंपनियों से लैपटॉप खरीद सकते हैं या सीधे आयात का विकल्प चुन सकते हैं।'
उन्होंने कहा कि कई वैश्विक कंपनियां पहले ही भारत में विभिन्न एसईजेड के भीतर लैपटॉप और अन्य उपकरणों के विनिर्माण में निवेश कर चुकी हैं।