सूरज की नजर से नजर मिलाकर ये कारनामा करेगा भारत का शौर्य Aditya-L1, दुनिया करेगी सलाम

भारत ही नहीं पूरी दुनिया की नजर ISRO के इस मिशन पर है। आदित्य सूर्य के उन अलसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकता है, जिनसे अब तक दुनिया अनजान है।

Aditya L1 Mission
आदित्य एल1 मिशन | Image: ISRO

ISRO Aditya L1 Mission: चंद्रयान 3 की ऐतिहासिक सफलता के बाद अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत और इसरो ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। आज (6 जनवरी) को भारत का सूर्य मिशन आदित्य एल-1 अपनी मंजिल पर पहुंच गया। इसरो ने इसे एल-1 प्वाइंट के हेलो ऑर्बिट पर सफलतापूर्वक स्थापित किया।

खबर में आगे पढ़ें...

  • चांद के बाद अब सूरज पर लहराया भारत ने परचम
  • कुछ इस तरह अपने मुकाम पर पहुंचा आदित्य एल-1
  • क्या-क्या काम करेगा आदित्य?

अब सबके मन में यही सवाल है कि इस मिशन से आखिर भारत और दुनिया को हासिल क्या होगा? सूरज पर उतरकर आदित्य क्या-क्या काम करेगा? आइए जानते हैं।

सूर्य के रहस्यों से उठाएगा पर्दा

भारत ही नहीं पूरी दुनिया की नजर ISRO के इस मिशन पर है। आदित्य सूर्य के उन अलसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकता है, जिनसे अब तक दुनिया अनजान है। इसके सात पेलोड सौर घटनाओं का व्यापक अध्ययन करेंगे। यह सौर तूफानों के आने की वजह का पता लगाएगा। इसके अलावा सौर लहरों और उनका धरती के वायुमंडल पर क्या प्रभाव होता है, यह इसके बारे में भी अहम जानकारी दे सकता है। साथ से सूरज से निकलने वाली गर्मी पर भी यह रिसर्च करेगा। 
इस मिशन के जरिए सौर वायुमंडल को समझने की कोशिश की जाएगी।

बता दें कि हेलो ऑर्बिट में स्थापित होने के बाद से अब अगले 5 सालों तक एल-1 प्वाइंट पर ही रहेगा। वहीं से यह सूर्य का अध्ययन करेगा।

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2 सितंबर को हुई थी लॉन्चिंग

आदित्य एल1 ने चार महीनों की यात्रा करने के बाद अपनी मंजिल पर पहुंचा है। सितंबर महीने में इसकी लॉन्चिंग हुई थी। 2 दिसंबर 2023 को ISRO के पीएसएलवी-सी57 ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आदित्य-एल1 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। अपनी मंजिल तय पहुंचने के लिए इसने 15 लाख किलोमीटर का सफर 126 दिनों में तय किया।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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