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opinion/ ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन

ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन

'This day in history': World Bank, International Monetary Fund were born in 1945
Alim Patel
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ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस क ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्हो

ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस क ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटव
ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को
 

 टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."
 
 

के पुत्र को टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."ब इंडिया टुडे ने उनसे पूछा कि बंधन मुक्त होने से उनका क्या आशय है तो उन्होंने कहा, "राजद से मुक्ति. अखिलेश बाबू तो कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए भी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के ही आदमी थे. राजद के हिसाब से ही चलते थे. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में हमने देखा ही है कि टिकट बंटवारे में कैसे पूर्णिया में पप्पू यादव का टिकट कट गया, लेकिन अखिलेश बाबू के पुत्र को टिकट मिल गया."

Published By:
 Himanshu Badyal
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