Pakistan: 'ईरानी से इतनी मोहब्बत, तो वहीं चलो जाओ', असीम मुनीर ने शिया मुसलामानों को चेताया, बयान से मचा बवाल
Asim Munir: पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के शिया मुलसमानों एक बयान ने बवाल मचा दिया। शिया समुदाय ने इसे अपमानजनक बताया है और इफ्तार बैठक विवादों में घिर आई।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

Pakistan news: ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में शिया-सुन्नी तनाव भड़कने की आशंका है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पड़ोसी मुल्क में शिया विरोध प्रदर्शन और हिंसा भड़क गई थी। अब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल सैयद असीम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं से कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर बवाल मच गया है। उन्होंने एक इफ्तार पार्टी में शियाओं से कहा कि अगर उन्हें ईरान पसंद है, उससे इतनी मोहब्बत है तो वो वहीं चले जाएं। उनके इस बयान से शिया नेताओं में नाराजगी बढ़ गई है।
उलेमाओं को मुनीर ने बोलने का नहीं दिया मौका
खबरों के मुताबिक, 19 मार्च को इफ्तार के मौके पर हुई यह बैठक एक बंद कमरे में हुई थी। बताया जा रहा है कि बैठक में आर्मी प्रमुख असीम मुनीर करीब एक घंटे तक खुद ही अपनी बात रखते रहे। इस दौरान उलेमाओं को अपनी बात रखने या फिर जवाब देने का मौका तक नहीं दिया गया।
असीम मुनीर ने क्या कहा?
रावलपिंडी में हुई इस बैठक में मुनीर ने कथित तौर पर शिया धर्मगुरुओं से कहा कि अगर उन्हें ईरान से इतनी मोहब्बत है, तो वे वहां चले जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्ना खुद शिया थे, लेकिन उनका मुख्य जोर इस बात पर रहा कि किसी दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा या फिर अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बयान पर मचा बवाल
उनके इसी बयान को लेकर शिया समुदाय के कुछ नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। वो उनके बयान पर भड़क उठे। उन्होंने इसे शिया विरोधी बताया। मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। वहीं, धार्मिक नेता सैयद जवाद नदवी ने इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से शिया समुदाय में गुस्सा है। यह सीधे तौर पर एक समुदाय विशेष के विरोध में है।
Advertisement
पाकिस्तान में शिया आबादी करीब 20% है। ईरान युद्ध और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। 3 मार्च तक अलग-अलग घटनाओं में 30 लोगों की मौत का दावा किया गया था। अब इस तरह के मामलों में असीम मुनीर ने कड़ा रुख अपनाने का इशारा कर दिया है।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने दिया दर्द, भारत ने लगाया मरहम... काबुल अटैक के बाद अफगानिस्तान को भेजी मदद, हमले में हुई थी 400 मौतें