दुनिया के लिए टफ मास्टर, देशवासियों के लिए मोम', PM मोदी ने गालियां देने वाले बच्चों को किया माफ, तो सुनील लहरी ने यूं किया रिएक्ट; जानिए क्‍या बोले

दुनिया के लिए टफ मास्टर, देशवासियों के लिए मोम', PM मोदी ने गालियां देने वाले बच्चों को किया माफ, तो सुनील लहरी ने यूं किया रिएक्ट; जानिए क्‍या बोले

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Sunil Lahri: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इंस्टाग्राम पर खासा एक्टिव हैं और इसके जरिये देश के युवाओं से जुड़ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर बड़ा मैसेज देते हुए Gen-Z को संबोधित किया। उन्होंने बड़प्पन दिखाते हुए कहा कि मैं मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूं। अब पीएम मोदी के इस कदम की 'रामायण' के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी ने सराहना की है।

सुनील लहरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री का कितना बड़ा दिल है। 20 तारीख के आंदोलन में उन्हें, उनकी स्वर्गीय मां को और देश की सेना को लेकर लोगों ने कितना भरा-बुरा बोला। इसके बावजूद भी उन्होंने सभी को माफ कर दिया।

हम भाग्यशाली हैं हमें ऐसे PM मिले- सुनील लहरी

उन्होंने आगे कहा कि अगर उनकी जगह कोई और होता, तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देता। ये उनका बड़प्पन है। ऐसे प्रधानमंत्री को मेरा कोटि-कोटि नमन। हम भाग्यशाली हैं कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले जो दुनिया के लिए टफ मास्टर हैं और अपने देश-देशवासियों के लिए एक मोम की तरह हैं। हो सकता है कि मेरी ये बात कई लोगों को पसंद ना आए। लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप लोग खुश रहिए, सुखी रहिए और स्वस्थ रहिए। जय श्री राम।

ये गुमराह बच्चे, इन्हें राह दिखाना हमारा काम- PM

पीएम मोदी ने शुक्रवार (21 जुलाई) को इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कहा था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें गाली देने वाले छात्रों को माफ कर दिया है। पीएम ने यह भी कहा कि उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो परेशान करने वाले थे, लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने का मौका मिलना चाहिए।

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‘गलतियों से सुधरने का अवसर…’

उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है। यही तो बचपना है। पीएम मोदी ने गालियां देने वाले बच्चों को गुमराह बताया और कहा कि उन्हें गले लगाकर सही राह दिखाना हमारी ही जिम्मेदारी है। बच्चों को अदालतों के चक्कर कटवाकर या फिर समाज में उन्हें प्रताड़ित करके हम हालात नहीं बदल सकेंगे। मैं उन्हें माफ करता हूं और समाज भी इस बात को स्वीकार करें।

Published By:
 Shrayansh Jain
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